दोस्ती में दगा। रहें सावधान। दोस्त ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर की थी हत्या…

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मृतक की गाड़ी, मोबाइल फोन के अंश, कागजात, पर्स बरामद,चार हत्यारोपी हत्थे चढ़े पुलिस के
यह था मामला

झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिजौली से बीते दिनों पहले गायब हुए एक नबालिग की सूनसान झाड़ियों में लाश मिलने से हड़कम्प मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कार्यवाही शुरू कर दी थी l
प्रेमनगर थाना क्षेत्रान्तर्गत बिजौली निवासी विक्रम अहिरवार का 16 वर्षीय पुत्र विशाल बीते 4 फरवरी को अचानक गायब हो गया था। जिसकी सूचना परिजनों ने पुलिस को दी थी। गुरूवार को बिजौली स्थित रेलवे लोकोशेड के पास सूनसान झाड़ियों में विशाल का शव मिलने से हड़कम्प मच गया था सूचना पर विशाल के परिजन व प्रेमनगर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आसपास के क्षेत्र में सुराग लगाना शुरू कर दिया । वहीं मौके पर एसएसपी डी प्रदीप कुमार, एसपी सिटी श्रीप्रकाश द्विवेदी समेत भारी पुलिस बल भी पहुंच गया। अपने गुमशुदा बच्चे की अचानक लाश देखकर परिवार में कोहराम मच गया था विशाल के शरीर पर चोटों के निशान को देखकर परिजनों द्वारा उसकी हत्या करना बताया जा रहा है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक बच्चे विशाल की गुमशुदगी थाने में दर्ज कर ली गयी थी। गुरूवार को संदिग्ध अवस्था में उसका शव झांड़ियों के पास मिला है। गुमशुदगी में दर्ज मुकदमें में धाराओं को बढा़कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। वहीं एसएसपी डी प्रदीप कुमार ने अस्वासन दिया था की शव को पुलिस कस्टडी में पोस्टमारटम कराकर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। घटना की तह तक जाने के लिए पुलिस टीमों का गठन कर कार्यवाही के लिए लगा दिया गया है। जल्द ही पूरे प्रकरण की सच्चाई को उजागर किया जायेगा।

और इसी क्रम में आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डी प्रदीप कुमार के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक नगर राहुल श्रीवास्तव व सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर केवी अशोक के नेतृत्व में अपराध व अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में आज मुखबिर की सूचना पर प्रेमनगर पुलिस व एसओजी के हाथ विशाल अहिरवार हत्याकाण्ड में शामिल चार आरोपी लग गए। प्रेमनगर थाने में विशाल अहिरवार हत्याकांड का खुलासा करते हुए सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी सदर केवी अशोक ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर वनदेवी मंदिर के पास घेराबंदी कर मृतक विशाल के दोस्त विवेक अहिरवार निवासी अंजनी माता मन्दिर बिजौली तथा उसके तीन साथी जितेंद्र अहिरवार व हरेंद्र अहिरवार निवासी चमरुआ बबीना, सुमित अहिरवार निवासी बैदोरा बबीना को धर दबोचा। आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल व उनकी निशानदेही पर रेलवे कालोनी में छिपा कर रखी विशाल की मोटरसाइकिल क्रमांक यूपी 93 ई बी-3653 एवं घटना स्थल के निकट पत्थर के नीचे से गाड़ी के कागजात, पर्स, आधार कार्ड तथा इलाहाबाद बैंक चौराह के निकट आशीर्वाद गार्डन के पास से विशाल का क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने हत्या काण्ड का खुलासा कर दिया। इसके अनुसार मृतक विशाल की दोस्ती अभियुक्त विवेक अहिरवार से थी। विशाल खाते-पीते परिवार का छोटा लड़का था जो कि पाकेट मनी के तौर पर रुपए अपने पास रखता था। अभियुक्त विवेक और उसका कथित बहनोयी हरेन्द्र अहिरवार अपने शौक व जरूरतों को पूरा करने के लिए रुपयों की सख्त आवश्यकता थी। विवेक ने हरेन्द्र को बताया कि विशाल के परिवार वाले काफी सम्पन्न हैं और उससे रुपए मिल सकते हैं। इसको इसकी मोटरसाइकिल के साथ धोखे से लेकर चलेेंगे और उसके रुपए तथा गाड़ी को लेकर चले जाएंगे। अगर विशाल ने विरोध किया तो उसको मार देंगे। किसी को इसकी भनक नहीं लगेगी और मोटरसाइकिल बेच कर रुपए बांट लेंगे। इसके लिए उन्होंने अपने दोस्त सुमित व जितेन्द्र उर्फ काली के साथ मिल योजना बनायी। विवेक ने विशाल को मोटरसाइकिल सहित घटना के दिन पार्टी करने के बहाने घर से बुलाया। विवेक व हरेन्द्र बिजौली से विशाल को लेकर हंसारी के रास्ते हाट के मैदान में आए वहां पहले से योजना के अनुसार सुमित व जितेन्द्र मौजूद मिले। इस दौरान विशाल से फोन पर उसकी मां ने सम्पर्क किया तो उसने बताया कि वह अपने दोस्त विवेक व हरेन्द्र आदि के साथ है, थोड़ी देर में घर लौट आएगा। इसके बाद विवेक व हरेन्द्र ने हाट के मैदान शराब व खाने का सामान खरीदा और सभी दो मोटरसाइकिलों से एसी लोको शेड के पास सूनसान स्थान पर पहुंच गए। वहां सभी ने मिल कर शराब पी। इस दौरान जानबूझ कर विशाल को हैवी पैक बना कर पिला दिया। जब वह नशे में आ गया तो चारों ने उसकी मोटरसाइकिल व रुपए लेने का प्रयास किया तो विशाल उनसे भिड़ गया। इस दौरान गाली-गलौज होने पर चारों ने विशाल को दबोच कर पटक कर वहां पड़े पत्थर से सिर कुचल कर विशाल की हत्या कर दी। शव को झाडिय़ों में छिपा कर चारों विशाल की गाड़ी के कागजात, पर्स आधार कार्ड को थोड़ी दूर पर एक बड़े पत्थर के नीचे छिपा दिए। विशाल की मोटरसाइकिल व मोबाइल फोन लेकर रफूचक्कर हो गए। पकड़े जाने के डर से विशाल की मोटरसाइकिल को छिपा दिया व मोबाइल फोन को तोड़ कर इलाहाबाद बैंक चौराहा के निकट आशीर्वाद गार्डन के पास फेंक दिया था। अभियुक्तों की निशानदेही पर उक्त सभी के साथ हत्या में प्रयुक्त मोटरसाकिल को बरामद कर लिया गया।
आरोपियों को पकडऩे वाली टीम
अंधे कत्ल के खुलासा में थाना प्रेमनगर प्रभारी निरीक्षक आशीष मिश्रा, उप निरीक्षक चन्द्रशेखर, प्रमोद तिवारी, आरक्षी राजकुमार, शैलेन्द्र कुमार शुक्ला, चालक भानु प्रकाश, राहुल दुबे, प्रभारी निरीक्षक एसओजी शैलेन्द्र कुमार सिंह, आरक्षी प्रदीप कुमार सेंगर, शैलेन्द्र सिंह चौहान, पदम गोस्वामी, सर्विलांस टीम के आरक्षी दुर्गेश सिंह, प्रशांत शामिल रहे।