भक्तों की भक्ति और आस्था से न हो खिलवाड़- जलविहार समिति -समिति पदाधिकारियों ने कहा अस्थायी नही, हो स्थायी समाधान

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भक्तों की भक्ति और आस्था से न हो खिलवाड़- जलविहार समिति
 
-समिति पदाधिकारियों ने कहा अस्थायी नही, हो स्थायी समाधान
 
 
झांसी।
 
मेला जलविहार समिति ने कहा कि प्रशासन उनकी समस्याओं का निस्तारण स्थायी रूप से करे। हर बार की तरह अस्थायी समाधान नहीहो, स्थायी समाधान होना चाहिये। समस्याओं के निदान न होने से भक्तों के मन में ठेस पहुंचती हैं।
 
शनिवार को मेला जलविहार समिति के खण्डेराव गेट स्थित कार्यालय पर पत्रकारवार्ता का आयोजन किया गया।
समिति अध्यक्ष बृज बिहारीउदैनिया, महामंत्री पीयूष रावत एवं कार्यवाहक अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि मेला जलविहार समिति झांसी हर वर्ष डोलग्यारस व अनंत चर्तुदशी पर विसर्जन को जाने वाले श्री गणेश प्रतिमाओं एवं भगवान के विमानों को स्वागत, पूजन एवं भेंट अर्पण करती है। जोपरम्परा अनुसार जारी है। इस बार भी यह कार्यक्रम हर्ष उल्लास के साथ किया जायेगा।
 
समिति सदस्यों ने बताया कि श्री गणेश उत्सव को लेकर हर बार कोतवाली व अन्य थानों में होने वाली पीस कमेटियों की बैठक में विभिन्नमांगें उठायी जाती हैं। लेकिन प्रशासन व सम्बंधित विभाग इस ओर अस्थायी कदम उठाते है, कोई ठोस कदम नही उठाते। जलविहार समितिचाहती है कि समस्याओं का निदान स्थायी तौर पर हो अस्थायी नही। बताया गया कि शहर में भगवान के 21 विमानों का नगर भ्रमण होता है।वहीं लगभग 8 सौ गणेश प्रतिमाओं का आगमन व विसर्जन होता हैं।
 
-भगवान के आगमन को लेकर प्रत्येक वर्ष मार्गों की ठीक करने की मांग की जाती हैं। समिति चाहती है इस समस्या का समाधान मार्ग का जीर्णउद्धार कर किया जायें। अस्थायी रूप से गड्डे भर कर नही।
 
-लक्ष्मी ताल स्थित विसर्जन स्थल को सरंक्षित किया जाना चाहिये। ऐसा न होने से वहां गंदगी रहती है। आस-पास के पशुपालक वहां अपनेपशुओं को नहलाते हैं। इससे वहां कीचड़, गंदगी रहती हैं। कुंड के पानी से बदबू आती है। ऐसे में वहा भगवान की प्रतिमाओं को विसर्जन कियाजाना शोभा नही देता। प्रशासन को चाहिये कि भक्तों की भक्ति और अस्था की कद्र करते हुये कुंड को विसर्जन के बाद जाली आदि से कवर्डकरा दिया जाये। कुंड के प्रांगण में लगे दरवाजों को बदं रखा जायें, इससे वहां पशुओं का आगमन नही होगा व कुंड गंदा नही होगा।
 
-भगवान गजानन की प्रतिमाओं के आगमन – विसर्जन के मार्ग निश्चित है। समिति की मांग है कि इन मार्गों पर नीचे लटकते, झूलते विधुत केतारों, डिस्क केबिलों और अन्य वायरों को ऐसी व्यवस्था की जायें, जो भगवान और भक्तों के बीच रूकावट न बने।
 
– भगवान गणेश की प्रतिमाओं के आगमन – विसर्जन के मार्ग से दुकानदारों, ठेलेवालों आदि द्वारा किये जाने वाले अतिक्रमणों को त्यौहार सेपहले ही हटा दिया जाये। रोड पर व्यापार करने वाले छोटे दुकानदारों को कही और स्थानातंरित किया जायें।
 
-भगवान के विभिन्न पण्डालों के पास खुलने वाली मांस-मदिरा की दुकानों को कम से कम त्यौहार अवधि में बंद रखा जायें।
 
-भगवान के पण्डालों के पास नगर निगम रोजाना सुबह- शाम सफाई करायी जायें। वहां चूना डाला जायें।
 
– भगवान के आगमन व विसर्जन मार्ग पर पेड़ों की शाखाओं को छांट दिया जायें।
 
– पुलिस प्रशासन से मांग है कि भगवान के पण्डालों के पास, खासकर संध्या आरती के समय समुचित सुरक्षा व्यवस्था की जायें। इस दौरानभक्तों की भीड़ रहती है। ऐसे में असमाजिक तत्व एक्टिव रहते है। इससे पॉकेट मार, चैन स्नैचिंग, लूट, युवितयों के साथ छेड़छाड़ आदि अप्रियघटना हो जाती है। भगवान के पण्डालों पर आवश्यक मात्रा में पुलिस बल तैनात रहें ।
 
पत्रकार वार्ता के दौरान विजय जैन,अनिल दीक्षित, राजेश बिरथरे, किशन सरवारिया, अतुल किल्पन,भूपेन्द्र रायकवार आदि मौजूदरहे ।