“सत्यमेव जयते” ! झांसी-जेल में समाज सेवी इं.पवन यादव 5 दिन से आमरण अनशन, अन्न,जल का त्याग,अवश्य पढ़ें,अभी नहीं-तो कभी नहीं..

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झांसी जेल में इं पवन यादव 5 दिन से आमरण अनशन, अन्न,जल,मूलभूत सुविधाओं का त्याग ”सत्यमेव जयते”अवश्य पढ़ें,अभी नहीं झांसी,तो कभी नहीं…

झांसी l सामाजिक सरोकार में लोगों को न्याय दिलाने के लिए एक अनूठी लड़ाई लड़ने वाले एक ऐसे युवा की कहानी है, जो हम सबको ”सत्यमेव जयते” की राह पर चलने की ओर अग्रसर करती है l लेकिन कहते हैं कि जहां सच होता है वहां झूठ के कांटे जगह जगह बिखरे रहते हैं l इस कलयुग में कांटों की चुभन अत्यधिक सच के आवरण को भी कहीं ना कहीं चुभो रही है l
ऐसा ही एक नाम ”एक अकेला इस शहर में” झांसी के इंजीनियर पवन यादव जो लोगों को न्याय दिलवाते हैं और उन्होंने लगभग 150 लोगों को विभिन्न समस्याओं के द्वारा न्याय दिलवाया l लेकिन कहीं ना कहीं यह न्याय दिलवाने का तरीका लोगों को खलता है l बढ़ती हुई इनकी उपलब्धि को देखते हुए झांसी के प्रशासन और कुछ बहुचर्चित चेहरे से इंजीनियर पवन यादव की मैं तनातनी बनी रहती है l

ऐसे ही एक मामले में तालपुरा के पीछे डढ़ियापूरा मोहल्ले के रहने वाले गणेश साहू की जमीन पर कुछ लोगों ने फर्जी एग्रीमेंट करवा कर कब्जा करने की मंशा रखी थी l जिस पर इंजीनियर पवन यादव ने कागजी कार्यवाही के माध्यम एवं तत्वों के आधार पर गणेश साहू को कब्जा दिलवाकर बाउंड्री वॉल बनवाया था l जिसकी सुक्रिती झांसी डीएम, झांसी SDM एवं लखनऊ मुख्य सचिव द्वारा गणेश साहू की जमीन बताई गई थी और लिखित में आदेश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद दबंगों के हौसले बुलंद थे और पुलिस के दम पर बह जमीन पर विवाद पैदा कर रहे थे, लेकिन इंजीनियर पवन यादव के दखल के बाद पीड़ित गणेश साहू को कब्जा दिलाया गया था और बाद में विपक्षियों ने अपनी खुन्नस निकालने के लिए इंजीनियर पवन यादव और गणेश साहू पर अनुसूचित जाति जनजाति के तहत मुकदमा कायम पुलिस की मदद से करवाने में सफल रहे थे l
जिसके परिणाम स्वरुप इंजीनियर पवन यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और लगभग 2 माह से वह जेल में है जबकि SC , ST के नियमानुसार तत्काल गिरफ्तारी नहीं हो सकती लेकिन पुलिस के मुखिया कि अगर मंशा है तो सब कुछ संभव है, और वही यदि भूमाफिया, सफेदपोश व्यापारी और कुछ सत्ताधारी एवं चौथे es….. के कुछ लोग यदि एक हो जाएं तो हर चीज संभव है,फिर यही हुआ इंजीनियर पवन यादव की एक भी नहीं सुनी गई और सीधा उन्हें जेल जाना पड़ा ।

वही इंजीनियर पवन यादव अभी 5 दिनों से निरंतर भूख हड़ताल पर आमरण अनशन किए हुए हैं l उन्होंने अन्न जल एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं बंद कर दी है और अभी हाल ही में जेल में मिलकर आए उनके एक सहयोगी कार्यकर्ता ने बताया कि 2 बार चेकअप के लिए टीम जा चुकी है लेकिन उन्होंने मना कर दिया जब तक उनके शरीर में जान है तब तक वह चेकअप नहीं करवाएंगे l

”न्याय के नायक के नहीं रुकेंगे कदम” वह इंजीनियर पवन यादव निरंतर संघर्ष कर रहे हैं और करते रहेंगे अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर उन्होंने अपना एक पत्र जारी किया जो उन्होंने जेल से लिखकर अपने सहयोगियों को दिया l पत्र के माध्यम से उसमें उन्होंने वर्तमान सामाजिक राजनीतिक एवं पुलिस के रवैयों को दोषी ठहराया और उन्होंने पत्र के माध्यम से बताया यदि उनकी या उनके परिवार के साथ कोई घटना घटित होती है तो इसका जिम्मेदार पुलिस प्रशासन होगा l फिलहाल अब देखना है कि कैसे दूसरों को न्याय दिलाने वाले इंजीनियर पवन यादव को अब न्याय कैसे मिलेगा और जिन्होंने इन पर मुकदमा कायम किया है उसकी क्या सच्चाई है या फिर हुक्मरानों के इशारे पर की गई यह कार्रवाई या पुलिस की मजबूरी या फिर यह जरूरी l

झांसी दर्शन