! विशेष खबर ! यहां के किसानों का सब्र टूटा,मजबूर है ! सूखा,आत्महत्या,पलायन को,बुंदेलखंड के 17 गांव प्रभावित-रिपोर्ट-उमाशंकर

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! विशेष खबर ! यहां के किसानों का सब्र टूटा,मजबूर है ! सूखा,आत्महत्या,पलायन को,बुंदेलखंड के 17 गांव प्रभावित-रिपोर्ट-उमाशंकर

झांसी । बुंदेलखंड झांसी जिले के गरौठा विधान सभा क्षेत्र में प्राकृतिक वारिश न होने के कारण 17गांव से अधिक लोग सूखा की जबरदस्त चपेट में आ चुके है।खेतों में फसल न होने के कारण गांव के हजारों लोग अपने परिवार से अलग दिल्ली,हरियाणा, मुम्बई, चैन्नई आदि शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर है। यहां के कई किसानों तो कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे है। लेकिन केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार को इन गांव के हजारों लोगों की कोई चिंता नहीं है। विधायक गरौठा चुनाव से पहले तो किसानों को लेकर उनके लिए लडते देखे जाते थे अब वह सरकार में आने के बाद जनता से सामाना करने से बच रहे है। डीएम, एसडीएम को यहां के लोगों की समस्या सुनने का समय नहीं रहता जिससे उनके गांव से पानी की समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है।

इन गांवों की बेहद दयनीय स्थिति-

गरौठा विधान सभा क्षेत्र ग्राम घनौरा थाना ककरबई, बरमाइन, गोकूल, कुरैठा समेत करीब 17 से अधिक गांवों में प्राकृतिक वारिश न होने के कारण खेत सूखे पडे है। सरकार द्वारा यहां जितने भी तालाब ,पोखर,नहर, टेल सरकारी कागजातों में बनी है। वह पूरी तरह सूखी पड चुकी है।
ग्राम घनौरा के संजय कुमार, मंगल सिंह पंचाल, अवधेश सिंह, प्यारेलाल, जगदीश सिंह, संतराम भूतपूर्व सेनिक, जगदेव सिंह, रघुवीर सिंह, कलू प्रजापति, शत्रुघन सिंह, अक्षय लाल कुशवाहा, अजुदद्ीन कुशवाहा, राम प्रकाश, गोपाल दास आदि ने सैकडों लोगों ने बताया है कि उनके गांव ब्लाक बामौर क्षेत्र में आते है ।

वर्ष 2014-15 से लगातार झेल रहे मार

यहां के किसान प्राकृतिक वारिश पर निर्भर होने के कारण सालों से परेशान चल रहा है। कभी कभार बारिश होने के कारण ही यहां के लोगों को राहत मिल जाती है। पिछल वर्ष 2014 -15 से लगातार यहां बारिश न होने के कारण हजारों एकड भूमि सूखी पडी है। इस जमीन पर खेती करके किसान अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते है।

कर्ज लेकर जीवन यापन करने को मजबूर,

पिछले सालों से वारिश न होने के कारण किसानों के खेत सूखे पडे हुए है । किसान भूखों मरने की नौबत पर आ चुका है। अपनी जमीन जायदाद को रखाने के लिए उन्हें रहना भी मजबूरी होती है। जिसके कारण कर्ज लेकर अपना जीवन यापन करना पड रहा है। कर्ज का बोझ बढ जाने के कारण ही किसान आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो जाता है। इन गांवों में जिनके परिवारों में दो से अधिक लोग वह दूसरे शहरों में जाकर मजदूरी करने को विवश हो गए है। यह पलायन लगातार बढता जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, डीएम, एसडीएम, विधायक गरौठा को कर चुके है मांग

उपरोक्त लोगों से कुरैठा के ग्राम प्रधान केशव ने बताया है कि 17 से अधिक गांवों में सूखा की समस्या हो चुकी है। गांव में पानी न होने की समस्या समाधान के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को, जिलाधिकारी झांसी, एसडीएम गरौठा को एवं गरौठा विधायक भाजपा जवाहर लाल राजपूत को कई बार अपनी समस्याएं बताई और इन क्षेत्र के गांवों के लिए नहरे,पोखर, तालाबों में नदियों से पहुंचाने के लिए जोडने की मांग की लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने इस बार आक्रोशित होकर मांग करते हुए कहा है कि सरकार को इन गांवों को सूखाग्रस्त घोषित करके गांवों के लोगों को तत्काल आर्थिक सहायत दिलाई जाए। गांवों में पानी की समुचित व्यवस्था के लिए सरकारी टयूब बैल और बडी संख्या में हैण्डपम्पों की तत्काल व्यवस्था की जाए नही ंतो क्षेत्र के लोग बडे आंदोलन के लिए सडकों पर उतरकर सरकार के खिलाफ विरोध करने पर मजबूर होगे ।

रिपोर्ट- उमाशंकर